भारत में ईकामर्स बहुत ही जोर-शोर से चल रहा है। गूगल इंडिया द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार 2014 में भारत में 350 लाख ऑनलाइन शॉपर्स थे और वर्ष 2016 के अंत तक 10 करोड़ शॉपर्स थे और वर्ष 2019 के अंत में 62.7 करोड़ लोग ऑनलाइन शॉपिंग करते है। ब्रॉडबैंड इंटरनेट और मोबाइल फोन की वृद्धि इस विकास को और आगे बढ़ा रही है।

फ्लिपकार्ट (Flipkart) जैसी कंपनियों ने पहले ही अरबों डॉलर का मूल्यांकन पार कर लिया है। यदि आपके पास बेचने के लिए कोई प्रोडक्ट है, तो शायद यह ऑनलाइन बिक्री शुरू करने का सबसे अच्छा समय है। यहाँ आपको भारत में ऑनलाइन बेचने के तरीके के बारे में बताया गया है।

यदि आप घर बैठे पैसा कमाने का तरीका ढूंढ रहे है, आज के समय में ऑनलाइन कुछ भी सामान बेच सकते है, कोई भी नया प्रोडक्ट बना रहे हो या फिर आपके पास इस्तेमाल हुई पुरानी चीज़ हो। अपने प्रोडक्ट के लिए ऑनलाइन स्टोर पर खाता बनाये या अपनी खुद की वेबसाइट बनाकर भी बेच सकते है।

 

ऑनलाइन सामान बेचने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बाते

ऑनलाइन सामान बेचना से पहले कुछ महत्वपूर्ण बाते (Some important things before selling product online)

भारत या किसी भी देश में ऑनलाइन सेल में अलग अलग कॉस्ट शामिल होती हैं। पहले यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि क्या आप उन सभी कॉस्ट पर विचार करने के बाद अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं या नहीं। ऑनलाइन सेल में शामिल कॉस्ट का अनुमान लगाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण कॉस्ट पर नजर डालते हैं:

  • शिपिंग कॉस्ट (Shipping Cost)- अपने निकटतम कूरियर या शिपिंग कंपनी के पास जाएँ और पता करें कि भारत के सभी हिस्सों में अपने प्रोडक्ट को वहां तक पहुंचने में कितना खर्च आएगा। राज्यों और शिपिंग शुल्क की एक सूची बनाएं। आम तौर पर यह लागत प्रोडक्ट के आकार और वजन के आधार पर प्रोडक्ट की लागत का 5% से 15% के बीच हो जाती है।
  • पैकेजिंग कॉस्ट (Packaging Cost)- जिस प्रोडक्ट को आप बेचने का सोच रहे हैं, उसके आधार पर आपको पैकेजिंग लागत पर विचार करना होगा। सभी पैकिंग सामान को देखें और हिसाब लगाए कि आपको एक प्रोडक्ट में कितनी पैकिंग की आवश्यकता होगी। आम तौर पर प्रोडक्ट की लागत का 0.5% से 2% के बीच होता है।
  • पेमेंट गेटवे कॉस्ट (Payment Gateway Cost)- यदि आप अपने स्वयं के स्टोर को सेटअप करने का सोच रहे हैं, तो आपको पेमेंट गेटवे की आवश्यकता होगी। साइटें आम तौर पर कुल लेनदेन के 1.5% से 5% के बीच चार्ज करती हैं।
  • स्टोरेज कॉस्ट (Storage Cost)- प्रोडक्ट के आधार पर, आपको अपने प्रोडक्ट के लिए गोदाम या कुछ स्टोरेज स्थान किराए पर लेने की आवश्यकता हो सकती है। इस लागत का भी पता लगाएं। अमेज़न जैसे कुछ ऑनलाइन मार्केटप्लेस आपको छोटे शुल्क पर अपने गोदामों का उपयोग करने देते हैं।
  • मार्केटिंग कॉस्ट (Marketing Cost)- किसी भी अन्य बिज़नेस की तरह, आपको दुनिया को बताना होगा कि आप आ चुके हैं। निश्चित रूप से, आपके बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए नि:शुल्क तरीके हैं लेकिन कुछ समय बाद मार्केटिंग में इन्वेस्ट करें। इससे मार्केटिंग में कम समय के अंदर आप जल्दी फेमस हो जाते है इस लिए मार्केटिंग में इन्वेस्ट करना बहुत जरूरी है। गूगल का ऐडवर्ड्स ऑनलाइन विज्ञापनों के साथ शुरू करने के लिए एक अच्छा मंच है।

अब आप इन सभी कॉस्ट के मूल्य जोड़ सकते है यदि आपका मूल्य सकारात्मक है और आपको लाभ हो रहा है, तो आप आगे बढ़ सकते हैं और ऑनलाइन बिक्री शुरू कर सकते हैं। यदि बहुत कम या नकारात्मक है, तो आपको लागत को कम करने के बारे में सोचना चाहिए।

कौन से प्लेटफार्म पर ऑनलाइन सामान बेचना चाहिए?

कौन से प्लेटफार्म पर ऑनलाइन सामान बेचना चाहिए? (Which platform should sell online product)

आज के समय में आपको अपने प्रोडक्ट को ऑनलाइन बेचने के बहुत सारे अवसर मिल सकते है तो, तो एक बड़े फैसले लेना होगा, क्या आपको फ्लिपकार्ट या अमेज़ॅन जैसे ऑनलाइन ईकामर्स मार्केटप्लेस पर बेचना चाहिए या आपको अपना वेब स्टोर सेटअप करना चाहिए?

 

सेल के लिए बेस्ट ईकामर्स प्लेटफॉर्म

यह शायद सबसे सरल विकल्प है। इन मार्केटप्लेस पर बेचने की प्रक्रिया बहुत सरल है और आप एक सप्ताह के भीतर बेचना शुरू कर सकते हैं।

  • अमेज़न इंडिया (Amazon India)अमेज़न इंडिया (Amazon India) भारत में सबसे पसंदीदा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले 76% लोग इसे सबसे भरोसेमंद ऑनलाइन मार्केटप्लेस मानते हैं। अमेज़न 2013 में अपनी स्थापना के बाद बड़ी बड़ी ईकामर्स दिग्गज वेबसाइट को कड़ी टक्कर देता है। अमेज़ॅन प्राइम, अमेज़ॅन सेल्फ-शिप और अधिक जैसे कई गेटवे के साथ , यह कई शिपिंग विकल्प प्रदान करता है।
  • फ्लिपकार्ट (Flipkart)शुरुआत में, फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने ऑनलाइन किताबें बेचने के साथ शुरुआत की थी। इस मार्केटप्लेस को आकर्षक बनाने के लिए उचित मूल्य के भीतर विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट की उपलब्धता है। फ्लिपकार्ट (Flipkart) विक्रेताओं को पूर्ति केंद्र के साथ Ekart नामक लॉजिस्टिक्स सेवाएं (logistics services) प्रदान करता है। प्लेटफ़ॉर्म अपने विक्रेताओं को अरबों ग्राहकों तक तुरंत पहुंचने की अनुमति देता है। फ्लिपकार्ट की 7-15 दिन पर पिक-अप सेवा है। 2018 में, इसने देश के ईकामर्स उद्योग का 51% बाजार हिस्सा पंजीकृत किया ।
  • पेटीएम (Paytm)लगभग 10 करोड़ + ग्राहकों के साथ पेटीएम वर्तमान में रिचार्ज, पेमेंट, यात्रा, टिकट, मूवी, शॉपिंग और इतनी ओनलाइनिंग, आसान पंजीकरण, अविश्वसनीय समर्थन जैसी सेवाओं को प्रदान करके दूसरी ईकामर्स मार्केटप्लेस पर शासन कर रहा है, पेटीएम (Paytm) द्वारा पेश किए गए कैशबैक और डिस्काउंट इसे एक विशेष बाजार बनाते हैं।
  • मिंत्रा (Myntra)यह एक ऐसा बाज़ार है जिसमें बड़ी संख्या में फैशन के सामान, ब्यूटी केयर, पुरुषों और महिलाओं के लिए कपड़े, जूते और बहुत कुछ है। इस मार्केटप्लेस को 2007 में खोला गया था । विक्रेताओं को पहले खुद को पंजीकृत करना होगा, और एक बार उनकी प्रोफाइल की समीक्षा करने के बाद, वे वेबसाइट पर अपने उत्पाद बेच सकते हैं।
  • क्राफ्ट्सविला (craftsvilla)क्राफ्ट्सविला  (craftsvilla) को 2011 में लॉन्च किया गया था और वर्तमान में 25,000 से अधिक विक्रेता हैं। यह फैशन, अपैरल, ब्यूटी प्रोडक्ट और हाथ से बने घरेलू सामानों के लिए एक उपयुक्त मार्केटप्लेस है। यह भारतीय मार्केटप्लेस में सर्वश्रेष्ठ भारतीय ऑनलाइन प्लेटफार्मों में से एक है और अद्वितीय भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देता है। यह भारतीय और आभूषण के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
  • पीपरफ्राई (Pepperfry)पीपरफ्राई (Pepperfry) घरेलू जरूरतों के लिए एक समाधान है। विक्रेता फर्नीचर, हार्डवेयर, लैंप, रसोई, भोजन, सजावट और इलेक्ट्रिकल्स, हाउसकीपिंग, बार और गार्डन जैसे प्रोडक्टों को सूचीबद्ध कर सकते हैं। सेलर्स अपने प्रोडक्ट को पीपरफ्राई (Pepperefry) में मुफ्त में एंट्री करवा सकते हैं, लेकिन उन्हें हर बिक्री पर कमीशन देना पड़ता है।
  • शॉपक्लूज़ (ShopClues)शॉपक्लूज़ (ShopClues) ऑनलाइन मार्केटप्लेस 6 लाख से अधिक व्यापारी के लिए 280 लाख से अधिक प्रोडक्टों से निपटने के लिए एक केंद्र है। कंपनी पूरे भारत में 32,000 से अधिक शहरो में प्रोडक्ट को पहुँचती है। शॉपक्लूज़ (ShopClues) स्थानीय और क्षेत्रीय ब्रांडों के लिए जाना जाता है। यह फैशन, घरेलू और रसोई उपकरणों, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और खेल में काम करने वाले विक्रेताओं के लिए सबसे जरूरी है।

अगर आपको इसमें से किसी भी मार्केटप्लेस पर अपने है तो ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक करके और अपने बिज़नेस की पूरी डिटेल्स भरकर अपनी कंपनी को पंजीकृत करे। आपको VAT पंजीकरण संख्या, पैन नंबर और बैंक विवरण को संभाल कर भरना होगा। कुछ साइटों को एड्रेस प्रूफ की भी आवश्यकता होती है। आप इन डाक्यूमेंट्स की स्कैन की गई कॉपी अपलोड कर सकते हैं। सत्यापन आम तौर पर कुछ दिनों में पूरा हो जाता है।

 

अपना स्वयं का वेब स्टोर या शॉपिंग कार्ट सेट करे

इस विकल्प को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है – आप या तो अपनी स्वयं की ईकामर्स वेबसाइट विकसित कर सकते हैं और इसे अपने स्वयं के सर्वर पर होस्ट कर के 10 मिनट में खुद की वेबसाइट शुरू कर सकते है या ऑनलाइन स्टोर रचनाकारों का उपयोग करके वेब स्टोर बना सकते हैं। हम इसके तुलना में आसान और कॉस्ट की बचत के रूप में दूसरे विकल्प पर चर्चा करेंगे।

Zepo, KartRocket , Build a bazar , MartJack and Shopify बस इनमें से किसी एक साइट पर पंजीकरण करें और अपनी प्रोडक्ट सूची अपलोड करें। आप अपने स्वयं के भुगतान गेटवे को लिंक लगा सकते हैं या इन साइटों द्वारा प्रदान किए गए का उपयोग कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण टिप्स – आज कल कुछ भी खरीदने से पहले ग्राहक उस चीज को ऑनलाइन सर्च कर के देखता है और उसके रिव्यु पड़ता है। अगर उसको वो अच्छे लगे तो ले लेगा अन्यथा वो वही छोड़ सकते है। इसलिए, कंपनी की वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट या किसी अन्य चैनल के रूप में ऑनलाइन उपस्थिति होना महत्वपूर्ण है।

इस तरीके से आप अपने प्रोडक्ट को ऑनलाइन बेच सकते हो और उससे घर बैठे पैसे कमा सकते हो। अगर अपने अन्य तरीको से अपना सामान ऑनलाइन बेच कर पैसे कमाए है तो अपना एक्सपेरिएंस निचे कमेंट बॉक्स में शेयर कर सकते है

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