आप ने जापान के बारे में तो बहुत सुना होगा वो टेक्नोलॉजी, खान-पान आदि चीज़ो में तो बहुत आगे है आज मैं आपको जापान से प्यार करने का एक और कारण दे रही हूं। जो दयालु जापानी लोगों के साथ-साथ सबसे विनम्र देश है।

यह उन कहानियों में से एक है जो आपके दिल को खुशी से भर देगी, और आपके चेहरे पर मुस्कुराहट जरूर लाएगी। इस कहानी को हाल ही में सोशल मीडिया पर बहुत लोकप्रियता मिली थी, मगर वही कुछ लोगो ने कहा की ये सच नहीं है। लेकिन आपको इस पर विश्वास करने के लिए पहले इसे पढ़ना होगा।

आपने अपने माता पिता या दादी दादा से ये कहते सुना होगा की की वो कैसे पढ़ाई के लिए स्कूल जाते थे, कोई पानी भरे तालाब में जाता था, तो कोई कोसो दूर पैदल चल के जाता था। ऐसी ही कहानी एक जापान की लड़की की है जो 2015 में हाई स्कूल कर रही थी। जिसको लेने एक ही ट्रेन आती थी और उस ट्रेन में वो अकेली यही यात्रा करती थी।

जापान का क्यु-शिरताकी (Kyu-Shirataki) ट्रेन स्टेशन सिर्फ एक यात्री के लिए खुलता रहा – जब तक उसका हाई स्कूल खत्म नहीं हुआ ।

जापान का क्यु-शिरताकी(Kyu-Shirataki) ट्रेन स्टेशन सिर्फ एक यात्री के लिए खुलता रहा -जब तक उसका हाई स्कूल खत्म नहीं हुआ ।

जापान के होक्काइडो द्वीप पर, क्यु-शिरताकी (Kyu-Shirataki) नाम के स्टेशन पर, हाई-स्कूल की लड़की का ट्रेन नियमित रूप से रोजाना इन्तजार करती थी। जो रोजाना पढ़ने जाती थी। वह ट्रेन दिन में बस 2 ही बार रूकती थी- एक बार लड़की को स्कूल ले जाने के लिए और दूसरी बार स्कूल की छुट्टी हो जाने के बाद लड़की को वापस लाने के लिए ।

जापान रेलवे क्यु-शिरताकी (Kyu-Shirataki) स्टेशन को बंद कर रहे थे, क्योकि इस स्टेशन पर लोग ट्रेन की यात्रा नहीं के बराबर करते थे। और उस रूट से मालगाड़ी भी नहीं गुजरती। इस परिस्थिति में रेलवे वालो को ट्रेन का उस स्टेशन तक पहुंचना ही बहुत महंगा पड़ रहा था।

जापान रेलवे ने विचार किया की वो जल्दी ही इस स्टेशन से ट्रेन की सेवाएं बंद कर देंगे । मगर रिपोर्ट के अनुसार लड़की के माता पिता ने रेलवे से गुजारिश की, कि उनकी बेटी हाई स्कूल में है और अगर वो ट्रेन की सेवाएं बंद कर देंगे तो उसकी पढ़ाई रह जायगी। उन्होंने निवेदन किया की वो इस ट्रेन को उसके स्कूल के एग्जाम खत्म होने तक यानि मार्च 2015 तक चलती रहने दे।

इसी पर विचार करते हुए जापान रेलवे ने इसको चलती रहने का निर्णय लिया, जिससे उस लड़की की पढ़ने में कोई रुकावट ना आए। इस कदम के बाद जापान रेलवे के बहुत चर्चे चले।

एक वीडियो पर बात करते हुए, काना ने कहा: ‘मैं पिछले तीन वर्षों से इस ट्रेन में चढ़ती और  उतर रही हूं ।

 

दुनिया भर के लोगों ने जापान सरकार और जापान रेलवे के ऐसे कदम की प्रशंसा की और मैं जापान रेलवे को अपने निस्वार्थ प्रेम से सलाम करती हूं।

मुझे लगता है की हम सब को किसी न किसी के लिए ऐसा कुछ करना चाहिए। जिससे उसके भविष्य के लिए सफलता मिले। अगर अपने भी ऐसा कुछ किया है तो मुझे जरूर कमेंट बॉक्स में बताये।

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